कश्मीर में आतंकी हमले में बैतूल का लाल शहीद, 12 दिन पहले ही परिवार से मिल लौटा था

बैतूल। बैतूल शहर के तुलसी नगर हमलापुर निवासी सेना के जवान अनिल अड़लक शुक्रवार सुबह आतंकवादी हमले में शहीद हो गए।

अड़लक कश्मीर में सीआरपीएफ में आरक्षक के रूप में तैनात थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही तुलसी नगर सहित पूरे शहर में शोक की लहर छा गई है।

शहीद का पार्थिव देह कश्मीर से नईदिल्ली और यहां से भोपाल तक वायुयान से पहुंचेगा। भोपाल से सड़क मार्ग से पार्थिव देह बैतूल लाई जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तुलसी नगर निवासी स्व. संपतराव अड़लक के दूसरे नंबर के पुत्र अनिल अड़लक पिछले 17 वर्षो से सीआरपीएफ में आरक्षक थे। उसकी पदस्थापना कश्मीर में थी।

आज सुबह कश्मीर में घात लगाए बैठे आतंकवादियों ने पेट्रोलिंग के दौरान हमला किया। जिसमें अनिल शहीद हो गए। उनकी पार्थिव देह पोस्टमार्टम के बाद कश्मीर में दिल्ली रवाना कर दी गई है।

नईदिल्ली से शहीद सैनिक की देह भोपाल पहुंच जाएगी। शाम को देह घर से आ सकती है। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक शनिवार को शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार करेंगे। प्रशासन की ओर से भी शहीद सैनिक के अंतिम संस्कार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।

दो माह पहले पिता की थमी सांस

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक 37 वर्षीय अनिल तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। उनका बड़ा भाई कृष्णा अड़लक वन विभाग में पदस्थ है जबकि छोटा भाई व्यवसायी है।

अनिल के पिता संपतराव अड़लक का दो माह पहले ही लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ। शहीद सैनिक का एक पुत्र 11 वर्ष और पुत्री 8 वर्ष की है जो वर्तमान में उसकी माता के साथ भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रहे है।

पत्नी और बच्चे भोपाल ही में रहते है।

12 दिन पहले ही परिवार से मिलकर लौटा था। अनिल गत 29 अप्रैल को ही एक माह के अवकाश के बाद ड्यूटी पर कश्मीर लौटा है। महज 12 दिनों बाद आज सुबह कश्मीर से अनिल के शहीद होने की खबर से पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है।

जानकारी के मुताबिक अनिल की पदस्थापना दो माह पहले ही कश्मीर में हुई है। तुलसी नगर में कई लोग शहीद के घर पहुंचना शुरू हो गए है। पत्नी और बच्चे भी दोपहर तक बैतूल लौट रहे है। उल्लेखनीय है कि दो माह बाद अनिल सेना से रिटायर होने वाला था, लेकिन उसके पहले ही वह शहीद हो गया।

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