इशारों-इशारों में कुंबले के बारे में क्या कह गए विराट

इस प्रेस कांफ्रेंस का बेसब्री से इंतजार था. इंतजार था कि विराट कोहली क्या कहेंगे. कोच अनिल कुंबले की विदाई हो गई. उन्होंने अपने बयान में काफी कुछ कह दिया. आम राय यह बनती लगी कि विराट कोहली का स्टारडम और ईगो अनिल कुंबले के जाने की वजह बना. लेकिन विराट चुप थे. इसलिए इंतजार था वेस्टइंडीज में पहुंचकर पहली प्रेस कांफ्रेंस का. वो हुई. विराट कुछ बोले, बहुत कुछ नहीं बोले.

विराट कोहली ने कहा, ‘अनिल भाई ने इस्तीफा देने का फैसला किया. हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं.’ चैंपियंस ट्रॉफी के वक्त दोनों के बीच विवाद पर कई बार सवाल किए गए. हर बार विराट ने खामोश रहने का फैसला किया. वह लगातार कहते रहे कि ऐसे लोग इस बारे में बात कर रहे हैं, जो ड्रेसिंग रूम का हिस्सा तक नहीं हैं.
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में भी विराट इसी बात पर अड़े रहे कि ड्रेसिंग रूम की बात वहीं रहनी चाहिए. उसे बाहर नहीं लाना चाहिए और कोई उनसे वो बातें नहीं जान सकता.

इन सारी बातों के बीच उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जिसका अलग मतलब निकाला जा सकता है. विराट से पूछा गया कि क्या हालात को बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था? उनका जवाब था – अनिल भाई ने अपना नजरिया रखा. उन्होंने हटने का फैसला किया. हम फैसले का सम्मान करते हैं. ये ठीक टूर्नामेंट के बाद हुआ.

उन्होंने कहा, ‘पिछले तीन-चार साल से हमने ऐसा कल्चर बनाया है कि ड्रेसिंग रूम में जो होता है, उसे बाहर न जाने दिया जाए. उसका सम्मान बनाए रखा जाए. पूरी टीम ऐसा ही सोचती है. हम ऐसा करना जारी रखेंगे. जैसा मैंने कहा कि उन्होंने जो किया, वो उनकी राय है, जिसका मैं सम्मान करता हूं.’

विराट ने कहा, ‘एक क्रिकेटर के तौर पर मैं उनका बेहद सम्मान करता हूं. उन्होंने देश के लिए जो कुछ किया. जितने साल वो खेले. जो उन्होंने किया, उसे कोई नहीं छीन सकता. हम सब उनका सम्मान करते हैं.’

विराट की इन बातों में एक सवाल था. पूरी टीम ड्रेसिंग रूम की बातें बाहर नहीं आने देती. तो क्या बगैर कहे विराट ने इशारा किया कि कुंबले ड्रेसिंग रूम की बातें बाहर ले आए. उन्होंने अपनी राय रख दी, जो टीम की सोच से अलग है?

विराट से एक बार फिर पूछा गया, तब भी उन्होंने एक तरह से अपने पिछले जवाब को दोहराया. उन्होंने कहा, ‘जैसा मैंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में जो होता है, वो बहुत प्राइवेट है. उसके बारे में मैं पब्लिक में अपनी बातें नहीं रख सकता. जैसा मैंने कहा, उन्होंने अपनी सोच सबके सामने रखी और हम इस फैसले का भी सम्मान करते हैं.

RO-11436/55

11359/79

11363/40

Recommended For You

About the Author: india vani