पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी की मांग, पाकिस्तान से निपटने के लिए सेना को दिया जाए ​फ्री हैंड

नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में जवानों पर पाकिस्तान की फायरिंग और शवों के साथ बर्बरता पर देशभर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. इसी बीच यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने भी सेना को खुला हाथ दिए जाने की मांग की है.

एके एंटनी ने आज कहा कि सरकार को सेना इस हमले से निपटने के लिए खुला हाथ दे देना चाहिए. एंटनी ने कहा कि उनके आठ साल के कार्यकाल के दौरान ऐसा सिर्फ एक बार हुआ लेकिन पिछले तीन सालों में ऐसा तीन बार हो चुका है.

पीएम से मिले रक्षा मंत्री

वहीं, इस मसले को लेकर सरकार में भी बैठकों का दौर जारी है. इस मामले पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पीएम से मिलने के लिए जेटली उनके आवास पर पहुंचे थे. अरुण जेटली ने पीएम को भारतीय जवानों पर हुए हमले और उनके शवों के साथ हुई बर्बरता की जानकारी दी. दोनों ने इस मुलाकात में एलओसी पर तनाव और ताजा हालातों को लेकर चर्चा की.

इसके अलावा जम्मू कश्मीर में जारी अशांति के बीच राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने गृहमंत्री राजनाथ​ सिंह से मुलाकत की. सिंह और वोहरा ने 40 मिनट की बैठक में घाटी के जमीनी हालात और उन पर नियंत्रण करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की. दोनों की मुलाकात में सीमा पर मौजूदा हालात की भी बात हुई जहां पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को दो जवानों के शवों को क्षत विक्षत किया था.

जवानों के साथ क्या हुआ था ?

बता दें कि पाकिस्तानी सेना की 647 मुजाहिद बटालियन ने सोमवार सुबह 8.30 बजे पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में भारतीय चौकियों पर फायरिंग कर दी थी. इस दौरान भारतीय जवानों की एक टुकड़ी पर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम ने घात लगाकर हमला किया. इसी में दो जवान शहीद हुए. यूपी के प्रेम सागर और पंजाब के परमजीत सिंह उन शहीद जवानों में शामिल हैं. बैट ने शहीदों के शव के साथ बर्बरता की. उनका सिर काट दिया. भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को इसका जवाब मिलेगा.

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