अपराधियों पर शिकंजा : दागियों को चुनाव से रोकने की तैयारी में चुनाव आयोग

नई दिल्ली। चुनाव आयोग दागियों को आरोपपत्र दाखिल होते ही चुनाव लड़ने से रोकने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आयोग ने जनप्रतिनिधित्व कानून में बदलाव की मांग करते हुए प्रस्ताव तैयार किया है।

पांच साल के लिए अयोग्य ठहराया जाए : चुनाव आयोग केंद्र सरकार से कहेगा कि मतदाताओं को लुभाने को लेकर जिन उम्मीदवारों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल हैं, उन्हें पांच साल के लिए लोकसभा और विधानसभा के चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जाए। आयोग के सूत्रों ने बताया कि संस्था ने जनप्रतिनिधित्व कानून में बदलाव की मांग करते हुए कानून मंत्रालय को पत्र लिखने का फैसला किया है।

आयोग ने यह कदम तमिलनाडु विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए नए तरीकों के पाए जाने के बाद उठाया है।

कानूनी शक्ति मांगी : इससे पहले, आयोग ने केंद्र सरकार से चुनाव कानून के तहत वे शक्तियां देने की मांग की जहां वह धन के इस्तेमाल वाले चुनाव को रद्द कर सके। मौजूदा समय में आयोग सिर्फ बाहुबल के इस्तेमाल वाले चुनाव को ही रद्द कर सकता है।

आयोग धन बल का इस्तेमाल होने पर किसी चुनाव को अनुच्छेद 324 के तहत अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर रद्द कर सकता है, लेकिन वह चाहता है कि उसकी यह शक्ति कानून के तहत निहित की जाए। उसका तर्क है कि वह संवैधानिक शक्तियों का अकसर इस्तेमाल नहीं करना चाहता।

चुनाव रद्द किया : इस माह के शुरू में आयोग ने आरके नगर उपचुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन के इस्तेमाल पर उपचुनाव को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया था।

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